लखनऊ बना UNESCO Creative Cities Network की नई पहचान: Gastronomy Hub" के रूप में शामिल हुआ

 लखनऊ बना UNESCO Creative Cities Network की नई पहचान: Gastronomy Hub" के रूप में शामिल हुआ

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भारत की तहजीब, नवाबी नजाकत और स्वाद का प्रतीक लखनऊ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल किया है। (UNESCO) के Creative Cities Network में शामिल किया है- Gastronomy HUB यानी पाक-कला (खानपान कला) के लिए लखनऊ दुनियाभर में प्रसिद्ध शहरों की श्रेणी में शामिल किया गया है। अब लखनऊ को दुनियाभर में अपने अलग खास स्वाद और परंपरागत व्यंजन के लिए और अपनी खान-पान संस्कृति के लिए लखनऊ को अब अलग पहचान मिल गईं है। यह न सिर्फ लखनऊ के लिए बल्कि पूरे भारत देश के लिए एक गर्व का विषय बन गया है।


UNESCO क्रिएटिव सिटीज नेटवर्क (UCCN) क्या है?

यूनेस्को ने 2004 में "Creative Cities Network (UCCN)"शुरू किया था। इसका उद्देश्य उन शहरों को पहचान देना था जो संस्कृति, संगीत, रचनात्मकता, साहित्य,पाक-कला, हस्तकला, परंपरा के क्षेत्र में अपना एक खास योगदान दे रहे हैं

इस नेटवर्क में शामिल होने के बाद उन शहरों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर और रचनात्मक को बढ़ावा देने का अवसर मिलता हैइस नेटवर्क में दुनिया के 350 से अधिक शहर शामिल हैं 

भारत के कुछ और शहर UNESCO Creative Cities के इस नेटवर्क का हिस्सा बन चुके हैं — 

  • जयपुर (हस्तकला)- 2015
  • वाराणसी (संगीत)- 2015
  • चेन्नई (संगीत)- 2017
  • मुंबई (फिल्म)- 2019

और अब लखनऊ (पाक-कला) की सूची में जुड़ना भारत के लिए एक गर्व की बात है। 


क्या है लखनऊ के पाक-कला: नवाबी स्वाद की कहानी

 लखनऊ का नाम आते ही जुबान पर यहां के "टुंडे कबाबी", "कुलचा निहारी","गलौटी कबाब", और लखनवी बिरयानी जैसे लजीज व्यंजन घूमने लगते हैं। इन सबके पीछे "नवाबी तहजीब" और लखनऊ के बावर्चियों ने सदियों से अपनी कला को जिंदा रखा है जो लखनऊ को बाकी शहरों से अलग बनाती है।



लखनऊ की गलियों में बसा खान-पान का स्वाद 

  • अवधि व्यंजन लखनऊ की गलियों से से उठती महक अपने आप में कहानी कहती है।
  • कोयले की धीमी आँच पर खाना पकाने की अनोखी तकनीक।
  • इदरीस बिरयानी की मसालेदार खुशबू 
  • लखनऊ की सबसे मशहूर चाटों में से एक है बास्केट चाट। 
  • टुंडे कबाबी के गलौटी कबाब का स्वाद और कोमलता।

 यहां सिर्फ खाने का शहर ही नहीं बल्कि तहजीब और मेहमाननवाजी और सांस्कृतिक अनुभव का शहर है


भारतीय परंपरा का विश्व मंच पर उत्कर्ष 

UNESCO का यह दर्जा मिलने के बाद लखनऊ को कई अंतरराष्ट्रीय अवसर मिलेंगे—

  • उत्तरप्रदेश के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा दुनियाभर के लोग अब लखनऊ के व्यंजनों का स्वाद लेने आएंगे।
  •  अवधी संस्कृति को विश्व स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इससे बढ़ावा मिलेगा जैसे- होटल, रेस्टोरेंट और इंडस्ट्री।


लखनऊ की पहचान को अब अलग नाम

लखनऊ को हमेशा से ही "City Of Nawabs" के नाम से जाना जाता रहा है, लेकिन अब इसे “City of Kebabs and Culture” के रूप में भी जाना जाएगा।


लखनऊ का UNESCO के “Gastronomy Hub” इस बात का प्रमाण है लखनऊ का खाना सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि तहजीब नवाबी नजाकत और संस्कृति का मिश्रण है।

लखनऊ ने यह साबित कर दिया है कि असली स्वाद वही जो दिल से परोसा जाए- "लखनऊ का स्वाद, अब दुनिया के हर कोने में"!




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